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COMPETITIVE EXAM QUESTIONS (2)

COMPETITIVE EXAM QUESTIONS (2)

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प्र० अंग्रेजों के शाषन काल में बंगाल विभाजन की योजना कब प्रभावी हुई थी?

1) 7 अगस्त, 1905

2) 14 अक्टूबर, 1905

3) 20 जुलाई, 1905

4) 16 अक्टूबर, 1905

उत्तर० 16 अक्टूबर, 1905

बंगाल प्रेसीडेंसी तत्कालीन सभी प्रेसिडेंसीएस में सबसे बड़ी थी, इसमें पस्च्मि और पूर्वी बंगाल सहित बिहार और ओर्रिसा भी शामिल थे. असम बंगाल से 1874 में ही अलग हो चूका था.

यद्यपि तत्कालीन गवर्नर जनरल ने इस विभाजन का कारण प्रशाशनिक असुविधा बताया परन्तु विभाजन का वास्तविक कारण कुछ और था क्यूंकि बंगाल उस समय राष्ट्रीय चेतना का केंद्र बिंदु था और इसी चेतना को नष्ट करने के लिए बंगाल विभाजन का निर्णय लिया गया .

20 जुलाई  1905 बंगाल विभाजन के निर्णय की घोषणा हुई.7 अगस्त को कलकत्ता के टाउन हॉल में संपन्न एक बैठक में स्वदेशी आंदोलन की घोषणा हुई तथा बहिष्कार प्रस्ताव पारित हुआ.16 अक्टूबर 1905 को बंगाल विभाजन की योजना प्रभावी हो गई .

विभाजन के बाद पूर्वी बंगाल और असम को मिलकर एक नया प्रान्त बनाया गया जिसमे राजशाही, चटगांव , ढाका आदि सम्मिलित थे जहाँ की कुल जनसँख्या 3 करोड़ थी, ढाका यहाँ की राजधानी थी.

विभाजित बंगाल के दूसरे भाग में प० बंगाल, बिहार और ओरिसा थे , जिसकी कुल आबादी 5 करोड़ थी जिनमे 4 करोड़ हिन्दू और १ करोड़ मुस्लिम थे.

16 अक्टूबर, 1905 का दिन समूचे बंगाल में शोकदिवस के रूप में मना गया लोगो ने उब्वास रखा, वन्देमाराम के गीत गए औरएक दूसरे को राखी बंधी, इस दिन को राखी दिवस के रूप में भी मनाया गया.

बंगाल विभाजन का विरोध दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा था, बंगाली बुधीजनो ने विभाजन को अपनी एकता और राष्ट्रवाद पर प्रहार माना और इस कृत्य को बंगाल की संस्कृति, इतिहास, भाषा का अपमान के रूप में देखा गया. राष्ट्रवादियों ने इस प्रस्ताव को अंग्रेजो की “फुट डालो और राज करो” की नीति का अंग करार दिया.

बंगाल विभाजन का चाहे कुछ भी प्रशाशनिक आधार बताया गया हो पर इतिहास में यह लार्ड कर्जन की एक भयंकर भूल के नाम से जानी गयी, इस कुकृत्य से अंग्रेजो की मंशा का साक्षात्कार पुरे देश को हो गया था.

1911 में बंगाल को फिर एक कर दिया गया , बंगाल विभाजन और उसके परिणाम स्वरुप जो विरोध उत्पन्न हुआ उसने भविष्य में होने वाले राष्ट्रीय अन्दोलानो के लिए देश को एकजुट करने का महत्वपूर्ण कार्य किया.

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